सड़क सुरक्षा
यह कविता सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के महत्व को उजागर करती है। हर नागरिक को नियमों का पालन कर जीवन को सुरक्षित बनाना चाहिए।
सड़क नहीं है कोई खेलने की जगह,
यहाँ एक चूक बने अनहोनी की वजह।
यातायात के नियम हैं जीवन का पहरा,
इन्हें ना माना, तो संकट खड़ा है गहरा।
इन नियमों की तुम ले लो शिक्षा,
ताकि कर सको अपनी व अपनों की रक्षा।
पैदल चलने वालों की है बात,
जेब्रा क्रॉसिंग से हो शुरुआत।
चलते वक्त सचेत हो जायें,
मोबाइल में न ध्यान लगायें।
इधर-उधर न भागें सड़क पर,
देखें दाऐं-बाऐं हर एक डगर पर।
अब दोपहिया चालकों की बारी,
हेलमेट पहनना है जरूरत हमारी।
दो से ज्यादा सवारी मत बिठाओ,
जानबूझकर खतरे को न बुलाओ।
तुम अपने सोये नैत्र जगाओ,
तेज गति में वाहन न भगाओ।
चार पहिया चालक, हो जाओ सयाने,
सीट बेल्ट बाँधे रखो, मत करो बहाने।
सड़क पर पूरा ध्यान लगाओ,
नशे में गाड़ी कभी न चलाओ।
ओवरटेक करो सोच-समझ कर,
ताकि न हो हादसा किसी मोड़ पर।
रोको न रास्ता कभी एम्बुलेंस का,
मत बनो कारण किसी अड़चन का।
जहाँ लगी हो ‘नो पार्किंग’ की पट्टी,
वहाँ रुकना है सबसे बड़ी गलती।
वाहन पार्क करो सोच-समझकर,
रखो सुरक्षा कदम-कदम पर।
नियम सबको पता हैं फिर भी, हादसे होते रोज हजार,
बिना हेलमेट चलाते गाड़ी, नशे की धुन में होकर सवार।
रफ्तार के हैं ये सौदागर, लापरवाही से इनको प्यार,
फिर होते हैं हादसे, बहता है खून, है हर कोई लाचार।
अब भी वक्त है, संभल जाओ मेरे यारों,
इन बातों को तुम अपने जीवन में उतारो।
यातायात के नियमों का तुम सदैव रखो ध्यान,
आओ मिलकर करें इस मनुष्य जीवन का सम्मान।
यह कविता ‘सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के महत्व’ को समझाती है। इसमें बताया गया है कि लापरवाही और नियमों की अनदेखी से रोजाना सड़क हादसे होते हैं। पैदल चलने वालों से लेकर वाहन चालकों तक हर किसी को सतर्क रहना जरूरी है। यह कविता हमें एक जागरूक नागरिक बनने और नियमों का पालन कर अपने जीवन की रक्षा करने का अहम संदेश देती है।












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