रक्षाबंधन: भाई-बहन का अनमोल वादा

क्या भाई, मुझसे एक वादा करोगे?अपनी प्यारी बहन को तुम इतना मजबूत बनाओगे? मैं अपनी रक्षा खुद कर सकूं, इतनी बहादुरी सिखाओगे,जरूरत पड़ने पर शस्त्र उठा सकूं, क्या मेरी ढाल बन पाओगे? मेरा साथ तुम ऐसा देना कि मैं औरों का सहारा बन सकूं,तुम नींव मेरी मजबूत रखो, ताकि मैं भी साथ खड़ी हो सकूं। […]

Raksha Bandhan Poem

क्या भाई, मुझसे एक वादा करोगे?
अपनी प्यारी बहन को तुम इतना मजबूत बनाओगे?

मैं अपनी रक्षा खुद कर सकूं, इतनी बहादुरी सिखाओगे,
जरूरत पड़ने पर शस्त्र उठा सकूं, क्या मेरी ढाल बन पाओगे?

मेरा साथ तुम ऐसा देना कि मैं औरों का सहारा बन सकूं,
तुम नींव मेरी मजबूत रखो, ताकि मैं भी साथ खड़ी हो सकूं।

जब मैं गिरूं, मुझे उठने देना, क्या ऐसा सहारा दोगे तुम,
अपनी राह खुद बना सकूं, क्या ऐसा विश्वास दोगे तुम?

आजादी से सांस ले सकूं, अपने सपनों को उड़ान दे सकूं,
क्या मेरी हर उड़ान के पंख बन पाओगे तुम?

भाई, इस राखी पर मुझे तुमसे एक वादा चाहिए,
कितनी भी मुश्किलें आएं, हमेशा तुम्हारा साथ रहेगा।

क्या भाई, मुझसे ये वादा निभाओगे?
अपनी बहन को तुम इतना सशक्त बनाओगे?

#Editors Choice

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read Also:

वनों की फरियाद

वनों की फरियाद

वनों की फरियाद कविता प्रकृति की पीड़ा, पेड़ों की अहमियत और मानव द्वारा किए जा रहे विनाश की कहानी कहती है। यह हरियाली बचाने की...
सड़क सुरक्षा

सड़क सुरक्षा

यह कविता सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के महत्व को उजागर करती है। हर नागरिक को नियमों का पालन कर जीवन को सुरक्षित बनाना चाहिए।
आखिर कहाँ गए वो दिन?

आखिर कहाँ गए वो दिन?

बचपन - हमारे जीवन का सबसे सुंदर, सबसे निश्छल समय होता है। बचपन में बिताया गया हर एक पल, हर एक लम्हा हमारे लिए अनमोल...
धूप में खेलें हम सब

धूप में खेलें हम सब

धूप में खेलें हम सब, सुनहरा संसार, हर्षित मन, उज्ज्वल तन, खुला आसमान अपार। गेंद, गुल्ली, कबड्डी की, बच्चों की भरमार, सूरज दादा की किरणें,...
काश! मेरी भी एक बहन होती – एक भावुक कविता

काश! मेरी भी एक बहन होती – एक भावुक कविता

काश! मेरी भी एक बहन होती,रोती-हंसती और गुनगुनाती।रूठती-ऐंठती और खिलखिलाती,मुझसे अपनी हर जिद मनवाती।राखी बांध मुझे वो खुश होती,काश! मेरी भी एक बहन होती। पीठ...