शिक्षक दिवस कविता: गुरु को समर्पित सुंदर शब्द
यह विशेष शिक्षक दिवस कविता गुरु के महत्व, उनके मार्गदर्शन और शिक्षा के प्रकाश को दर्शाती है। शिक्षक दिवस पर अपने गुरु को सम्मान दें।
गुरु ही हैं जीवन की सबसे बड़ी पहचान,
उनसे ही मिलता है शिक्षा का वरदान।
वे केवल अक्षरों का बोध नहीं कराते,
जीवन के सच्चे सूत्र हमें समझाते।
कक्षा की चौखट पर जब हम कदम रखते हैं,
संशय और जिज्ञासा से मन को भरते हैं।
गुरु अपनी मुस्कान से स्वागत करते हैं,
हर कठिन प्रश्न का उत्तर सहज ही देते हैं।
कभी वे कठोर लगते हैं अनुशासन के कारण,
तो कभी बन जाते हैं सबसे प्यारे मित्र समान।
डाँट उनकी बाहर से भले लगती हो सख़्त,
पर भीतर छिपा होता है ममता का वक्त।
वह हमें गिरकर उठना सिखाते हैं,
हार में भी जीत का मार्ग दिखाते हैं।
कहते हैं – “सफलता वही पा सकता है,
जो कठिनाइयों में भी न रुकता है।”
गुरु का ऋण चुकाना संभव नहीं,
क्योंकि उनकी कृपा का अंत कहीं नहीं।
वे तो दीपक हैं, जो स्वयं जलते जाते हैं,
पर विद्यार्थियों का जीवन रोशन कर जाते हैं
आज के इस पावन शिक्षक दिवस पर,
हम करते हैं उन्हें शत्-शत् नमन।
जो हमें गढ़ते हैं, संवारते हैं हर दिन,
उनका आशीष ही है हमारा जीवन धन।












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