राखी आई कविता: भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव
“राखी आई” एक दिल को छूने वाली राखी कविता है, जो भाई-बहन के अटूट रिश्ते, पारिवारिक प्यार और रक्षाबंधन के उल्लास को बयां करती है।
राखी आई, राखी आई!
हर घर ढ़ेरों खुशियाँ लाई!
बच्चों में एक हलचल है,
किसकी कितनी हुई कमाई!
चंदन, रोली और मिठाई से सजी थाल लिए,
नन्ही बहना कहती है आओ भाई तुझे मैं राखी बांधू।
भाई ने राखी बंधवाई फिर बहन को दी मिठाई,
साथ ही साथ दिए प्यारे प्यारे तोहफे।
बच्चे-बड़ों ने मिलकर रक्षाबंधन साथ मनाया।
भाई-बहन के प्यार का त्यौहार सब ने मिलकर साथ मनाया।
राखी आई, राखी आई!
हर घर ढेरों खुशियाँ लाई!












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