राखी आई कविता: भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव

“राखी आई” एक दिल को छूने वाली राखी कविता है, जो भाई-बहन के अटूट रिश्ते, पारिवारिक प्यार और रक्षाबंधन के उल्लास को बयां करती है।

राखी आई, राखी आई!
हर घर ढ़ेरों खुशियाँ लाई!

बच्चों में एक हलचल है,
किसकी कितनी हुई कमाई!

चंदन, रोली और मिठाई से सजी थाल लिए,
नन्ही बहना कहती है आओ भाई तुझे मैं राखी बांधू।

भाई ने राखी बंधवाई फिर बहन को दी मिठाई,
साथ ही साथ दिए प्यारे प्यारे तोहफे।

बच्चे-बड़ों ने मिलकर रक्षाबंधन साथ मनाया।
भाई-बहन के प्यार का त्यौहार सब ने मिलकर साथ मनाया।

राखी आई, राखी आई!
हर घर ढेरों खुशियाँ लाई!

#Editors Choice

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read Also:

 खुशियों की बहार लाई है राखी

 खुशियों की बहार लाई है राखी

"खुशियों की बहार लाई है राखी" कविता रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई–बहन के पवित्र रिश्ते, प्यार और परंपरा को खूबसूरती से दर्शाती है।
नया वसन्त

नया वसन्त

'नया वसन्त' एक खूबसूरत हिंदी कविता है, जो प्रकृति की सुंदरता और जीवन के नये आरम्भ का अद्भुत चित्रण करती है। इसे पढ़कर मन में...
सितारों से बातें

सितारों से बातें

सितारों से बातें, रात की यह मीठी गाथा, चाँदनी रात में, बिखरी हुई तारों की झिलमिलाहट। आसमान के कोने से, कहते सितारे कहानियां, सपनों की...
पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा कविता राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित एक प्रेरणादायक काव्य है, जिसमें एक फूल मातृभूमि के लिए बलिदान की इच्छा करता है।
केले का मज़ा

केले का मज़ा

केले का मज़ा' एक मनोरंजक और शिक्षाप्रद हिंदी कविता है जो सार्वजनिक स्थानों पर सफाई और जिम्मेदारी के महत्व को बताती है।
अपने सुंदर देश की बहारें

अपने सुंदर देश की बहारें

भारत की प्राकृतिक छायाँ, उच्च पर्वतों से लेकर बहती नदियों तक, हमारे सुंदर और न्यारे देश की महा कवीता के माध्यम से जानिए।