क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे
क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे? इस कविता में बहन ने भाई से सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उसे सशक्त बनाने का वादा भी मांगा है।
क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे,
अपनी बहन को तुम इतना सशक्त बनाओगे?
मैं अपनी रक्षा खुद करूं, इतना बहादुर बनाओगे,
जरूरत पढ़ने पर शस्त्र उठा सकूं, क्या मेरी ढाल बन पाओगे?
तुम साथ मेरा ऐसा देना, कि मैं साथ दे सकूं औरों का,
तुम नींव मेरी मजबूत रखो, मैं साथ बन सकूं औरों का।
गिर कर मुझको उठने देना, क्या ऐसी रक्षा करोगे तुम,
अपना रास्ता खुद खोज सकूं, क्या ऐसे साथ दोगे तुम?
आजादी की सांस ले सकूं, अपने सपनों को उड़ान दे सकूं,
क्या मेरी हर उड़ान के पंख बन पाओगे तुम?
भैय्या इस राखी में लेना है तुझसे यह वादा,
चाहे कितनी भी मुश्किल आए हमेशा साथ तुम्हारा होगा।
क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे,
अपनी बहन को तुम इतना सशक्त बनाओगे?












प्रातिक्रिया दे