पिता पर खूबसूरत कविता
यह पिता पर कविता उनके निस्वार्थ प्रेम, संघर्ष और जिम्मेदारियों को दर्शाती है। यह भावनात्मक कविता उनके अंदर छुपे कोमल हृदय को उजागर करती है।
पिता एक उम्मीद है, एक आस है
परिवार की हिम्मत और विश्वास है
बाहर से सख्त अंदर से नर्म है
उनके दिल में दफन कई मर्म हैं।
पिता संघर्ष की आँधियों में हौसलों की दीवार है
परेशानियों से लड़ने की दोधारी तलवार है
बचपन में खुश करने वाला खिलौना है
नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है।
पिता जिम्मेदारी से लदी गाड़ी का सारथी है
सबको बराबर का हक दिलाने वाला एक महारथी है
सपनों को पूरा करने में लग जाने वाली जान है
इसीसे तो माँ बच्चे की पहचान है।
पिता जागीर है, पिता जमीर है
जिसके पास है ये सब वह सबसे अमीर है
कहने को ऊपर वाला सब देता है
पर भगवान का एक रूप पिता का शरीर है।












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