बया चिड़िया कविता – बच्चों के लिए सुंदर रचना

“बया चिड़िया कविता” एक सुंदर बाल रचना है जो बच्चों को परिश्रम, मातृत्व और प्रकृति से प्रेम का पाठ सिखाती है। सरल भाषा और भावपूर्ण पंक्तियाँ इसे खास बनाती हैं।

बया हमारी चिड़िया रानी।
तिनके लाकर महल बनाती,
ऊँची डाली पर लटकाती,
खेतों से फिर दाना लाती,
नदियों से भर लाती पानी।

तुझको दूर न जानें देंगे,
दानों से आँगन भर देंगे,
और हौज में भर देंगे हम,
मीठा-मीठा ठंडा पानी।

फिर अंडे सेयेगी तू जब,
निकलेंगे नन्हें बच्चे तब,
हम आकर बारी-बारी से,
कर लेंगे उनकी निगरानी।

फिर जब उनके पर निकलेंगे,
उड़ जाएँगे बया बनेंगे,
हम तब तेरे पास रहेंगे,
तू मत रोना चिड़िया रानी।

– महादेवी वर्मा 

यह कविता “बया हमारी चिड़िया रानी” एक बेहद भावनात्मक और सजीव चित्रण है उस नन्हीं पक्षी की जो न सिर्फ मेहनती है, बल्कि उसके जीवन से जुड़ी मानवीय संवेदनाएँ भी इसमें दर्शाई गई हैं। यह कविता बच्चों के लिए उपयुक्त है और प्रकृति प्रेम, दया भाव और ज़िम्मेदारी की भावना को उजागर करती है।

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