राखी की डोर है

“राखी की डोर” कविता भाई–बहन के रिश्ते की सुंदरता, वचन और प्रेम को दर्शाती है। यह डोर केवल धागा नहीं, एक भावनात्मक रिश्ता है।

राखी की यह डोर है बंधी, प्रेम के बंधन से,
भाई–बहन के रिश्ते की अनमोल है यह राखी की डोर,
रंग–बिरंगे धागे में, छुपा है बहन का स्नेह,

तोहफे की आड़ में भाई ने भी छुपाया है प्यार अपना,
जब भैय्या की कलाई पर बांधती है बहन राखी की डोर,
तब स्नेह की ये कड़ी जुड़ जाती है जन्मों–जन्मों को,

यह राखी मात्र एक धागा नहीं, परिवार को इसने जोड़ा है,
इस रिश्ते के सम्मान को इस डोर ने ही तो पकड़ा है,
जीवन के हर सुख–दुख के पल में इस डोर ने मान रखा है,

यह रिश्ता बहुत खास है, जिसने पाया वो भाग्यशाली,
जिसको न मिले भाई उसकी कान्हा करते रखवाली,
यह वचन का त्योहार है, यह प्यार का त्योहार है,
संग तुम्हारे होने से जीवन में, खुशियों की ये बरसात है।

#Editors Choice

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read Also:

मेरा प्रश्न

मेरा प्रश्न

यह कविता एक ऐसे मुसाफ़िर की कहानी है जो शोर, भीड़ और प्रश्नों से जूझते हुए अंततः खुद को मौन में खोज निकालता है। आत्ममंथन...
होली पर बाल कविता

होली पर बाल कविता

रंगों से सजा है आंगन, खुशियों से भरा हर घर,गूंजे हैं रंगों की तानें, होली आई है भरपूर। लाल, नीला, पीला, हरा, सब रंगों का...
गर्मी की छुट्टियाँ ख़त्म हुईं

गर्मी की छुट्टियाँ ख़त्म हुईं

गर्मी की छुट्टियाँ ख़त्म होते ही बच्चों के मन में उदासी और स्कूल की नई शुरुआत का मिला-जुला एहसास होता है। यह कविता उसी पल...
जीवन का आधार और हरियाली की छाया

जीवन का आधार और हरियाली की छाया

इस पेड़ पर छोटी कविता में जानें कैसे पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं, जो स्वच्छ वायु, आक्सीजन, और हरियाली की छाया प्रदान करते हैं।
अपने सुंदर देश की बहारें

अपने सुंदर देश की बहारें

भारत की प्राकृतिक छायाँ, उच्च पर्वतों से लेकर बहती नदियों तक, हमारे सुंदर और न्यारे देश की महा कवीता के माध्यम से जानिए।